Asia PacificBlogInvestingPersonal FinanceStock MarketUnited States

Gold-Silver Price: अमेरिका–वेनेजुएला तनाव के बीच भारत में क्यों चढ़े सोने-चांदी के भाव, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर सोमवार, 5 जनवरी को भारत के कमोडिटी बाजार में साफ देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। वीकेंड में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद बाजारों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और सेफ-हेवन डिमांड बढ़ गई।

MCX पर फरवरी गोल्ड फ्यूचर्स 1.5% की तेजी के साथ ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि मार्च सिल्वर फ्यूचर्स 4.3% उछलकर ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम हो गया। इंट्राडे कारोबार में चांदी की कीमतें ₹2.49 लाख प्रति किलोग्राम के हाई लेवल तक पहुंचीं, जो पिछले बंद भाव से करीब ₹13,500 ज्यादा थी।

हालांकि इस तेजी के बावजूद, दोनों कीमती धातुएं दिसंबर 2025 में बने अपने ऑल-टाइम हाई से नीचे बनी हुई हैं। सोने का रिकॉर्ड स्तर ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी का ₹2.54 लाख प्रति किलोग्राम रहा था।

क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ

बाजार जानकारों के मुताबिक, निवेशक चांदी की वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंतित हैं, खासकर पेरू और चाड जैसे प्रमुख निर्यातक देशों से संभावित आपूर्ति बाधाओं को लेकर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 6% की तेजी के साथ $75.96 प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

एंजल वन के डीवीपी (रिसर्च) प्रथमेश माल्या के अनुसार, इस सप्ताह सोने में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि तेजी और मंदी दोनों फैक्टर एक साथ सक्रिय हैं। वहीं, स्मार्ट वेल्थ AI के फाउंडर पंकज सिंह का कहना है कि अमेरिका में महंगाई के नरम पड़ने के बावजूद सोने की कीमतों का ऊंचे स्तर पर टिके रहना निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

2026 के लिए क्या है आउटलुक

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में सोने की कीमतों में 10% से 60% तक की बढ़त संभव है, हालांकि बीच में 20% तक का करेक्शन भी आ सकता है। वहीं, चांदी में 5% से 30% तक गिरावट का जोखिम जरूर है, लेकिन कम सप्लाई और बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड कीमतों को मौजूदा स्तर से 40% तक ऊपर ले जा सकती है।

आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेडरल रिजर्व के संकेतों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर बनी रहेगी, जिससे सोने-चांदी में अस्थिरता बनी रह सकती है।

Related posts

🌍 White House Confirms Iran Proposal Under Review as Trump Weighs Options

Uttam

SEBI to Tackle EGR Challenges, Aims to Strengthen It as Gold Price Benchmark

Uttam

📊 MAS Financial Q4 FY26: Strong Growth with Improving Asset Quality — A Rare Combination

Uttam

Leave a Comment