- BSE Sensex लगभग 1030 अंक टूट गया
- NIFTY 50 23,500 के करीब फिसल गया
गिरावट की मुख्य वजहें
1. क्रूड ऑयल में तेज उछाल
ब्रेंट क्रूड $105 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है।
मिडिल ईस्ट तनाव और ईरान को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल कीमतें तेजी से बढ़ीं।
इसका असर:
- भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ने का डर
- महंगाई बढ़ने की आशंका
- रुपये पर दबाव
- मार्केट सेंटीमेंट कमजोर
2. IT सेक्टर में भारी बिकवाली
OpenAI द्वारा नया AI मॉडल लॉन्च किए जाने के बाद IT कंपनियों पर दबाव बढ़ गया।
निवेशकों को डर है कि:
- AI ऑटोमेशन से पारंपरिक IT सेवाओं पर असर पड़ सकता है
- कॉस्ट कटिंग और टेक बदलाव से भारतीय IT कंपनियों की ग्रोथ धीमी हो सकती है
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर:
- Tata Consultancy Services (TCS)
- Infosys
- Wipro
इनमें 3% से ज्यादा की गिरावट देखी गई।
मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर
सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव दिखा:
- निफ्टी मिडकैप लगभग 0.77% नीचे
- निफ्टी स्मॉलकैप लगभग 1.06% नीचे
यह दिखाता है कि बिकवाली पूरे बाजार में फैली हुई है।
निवेशकों की चिंता क्या है?
मार्केट अभी तीन बड़े रिस्क से डर रहा है:
- बढ़ते तेल के दाम
- कमजोर रुपया
- ग्लोबल टेक और AI डिसरप्शन
अगर क्रूड लंबे समय तक ऊंचा रहता है, तो:
- RBI पर दबाव बढ़ सकता है
- महंगाई बढ़ सकती है
- विदेशी निवेशक बिकवाली बढ़ा सकते हैं
हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसी गिरावट में मजबूत कंपनियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण हो सकता है।
