एग्रो-केमिकल कंपनी UPL को लेकर ब्रोकरेज HSBC सकारात्मक नजरिया बनाए हुए है। HSBC का मानना है कि आने वाले समय में UPL के शेयरों में करीब 15% तक की तेजी देखने को मिल सकती है, इसी भरोसे के साथ उसने स्टॉक का टारगेट प्राइस बढ़ाया है।
🔍 HSBC क्यों है UPL पर बुलिश?
HSBC की रिपोर्ट के मुताबिक, UPL में आगे शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन की मजबूत संभावनाएं हैं। इसके पीछे कुछ अहम वजहें हैं:
- FY26 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बरकरार
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 4%–8% रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान कायम रखा है, जो बिजनेस में स्थिरता का संकेत देता है। - एडवांटा (Advanta) बनी बड़ा पॉजिटिव फैक्टर
UPL की सब्सिडियरी Advanta को HSBC ने एक लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएटर बताया है। मजबूत डिलीवरी मैकेनिज्म और ग्लोबल सीड्स बिजनेस में इसकी पकड़ कंपनी के लिए बड़ा प्लस है। - एनालिस्ट्स का भरोसा
UPL को कवर करने वाले 22 एनालिस्ट्स में से 16 ने ‘Buy’ रेटिंग दी है, जो मार्केट में इसके प्रति पॉजिटिव सेंटिमेंट दिखाता है।
📈 शेयरहोल्डर्स के लिए क्या संकेत?
- मीडियम से लॉन्ग टर्म में स्टेबल ग्रोथ + वैल्यू अनलॉकिंग की उम्मीद
- Advanta और कोर एग्रो-केमिकल बिजनेस से कमाई में सुधार
- बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस से मार्जिन पर सपोर्ट
⚠️ किन बातों पर नजर जरूरी?
- ग्लोबल एग्रो-केमिकल डिमांड
- कच्चे माल की कीमतें
- करेंसी मूवमेंट और जियोपॉलिटिकल फैक्टर
निष्कर्ष:
HSBC का मानना है कि UPL की मौजूदा रणनीति और सब्सिडियरी बिजनेस की ताकत इसे आगे डबल डिजिट रिटर्न देने में सक्षम बना सकती है। हालांकि, निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेना जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है।)
