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Silver Price: ग्लोबल मार्केट में चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, फिर 8% की तेज गिरावट

ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में चांदी (Silver) ने पहले नया रिकॉर्ड हाई बनाया, लेकिन इसके तुरंत बाद इसमें करीब 8% की तेज फिसलन देखने को मिली। यह उतार-चढ़ाव निवेशकों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।

🔹 रिकॉर्ड तेजी के पीछे क्या वजह रही?

चांदी की कीमतों में हालिया तेज उछाल के पीछे कई मजबूत कारण रहे:

  • मजबूत औद्योगिक मांग:
    इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है।
  • सेफ हेवन डिमांड:
    जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता के माहौल में निवेशकों ने सोने के साथ-साथ चांदी को भी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में चुना।
  • ग्लोबल सप्लाई की कमी:
    खनन उत्पादन सीमित रहने और सप्लाई चेन दबाव के कारण चांदी की उपलब्धता घटती जा रही है।
  • फेडरल रिजर्व की रेट कट उम्मीदें:
    अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) द्वारा 2026 में ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती संभावनाओं ने नॉन-यील्डिंग एसेट्स जैसे सोना-चांदी को सपोर्ट दिया।

🔻 फिर अचानक 8% क्यों गिरी चांदी?

रिकॉर्ड हाई के बाद आई गिरावट के पीछे मुख्य कारण रहे:

  • तेज मुनाफावसूली (Profit Booking):
    रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचते ही ट्रेडर्स और फंड्स ने भारी मुनाफा बुक किया।
  • पतले वॉल्यूम (Thin Volumes):
    साल के अंत में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहने से कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव बढ़ गया।
  • शॉर्ट-टर्म ओवरबॉट कंडीशन:
    टेक्निकल चार्ट्स पर चांदी काफी ओवरबॉट दिख रही थी, जिससे करेक्शन आना स्वाभाविक था।

🔮 आगे चांदी का आउटलुक क्या?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि:

  • लॉन्ग टर्म में ट्रेंड अब भी मजबूत बना हुआ है
  • इंडस्ट्रियल डिमांड और रेट कट साइकिल चांदी को सपोर्ट देती रहेगी
  • हालांकि, शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है

👉 निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एकमुश्त निवेश से बचें और गिरावट पर स्टैगर्ड तरीके से एंट्री करें।

निष्कर्ष:
चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट भले ही तेज हो, लेकिन इसके पीछे के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं। आने वाले समय में चांदी एक बार फिर निवेशकों को चौंका सकती है—बस धैर्य और सही रणनीति जरूरी है।

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