29.08 F
New York
February 26, 2026
Asia PacificBlogInvestingPersonal FinanceStock MarketUnited States

Share Market Fall: शेयर बाजार इन 5 कारणों से खुलते ही धड़ाम! सेंसेक्स 700 अंक टूटा, निफ्टी 25,500 के नीचे

Vikrant Singh | अपडेटेड: 12 जनवरी 2026, 11:53 AM

सोमवार, 12 जनवरी को भारतीय शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 700 अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी 25,500 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया। यह गिरावट लगातार छठवें कारोबारी सत्र में देखने को मिली है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जबरदस्त दबाव नजर आया।

शेयर बाजार में गिरावट के 5 बड़े कारण

1. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं और बेहतर रिटर्न की तलाश में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से दूरी बना रहे हैं, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ रहा है।

2. कमजोर ग्लोबल संकेत
अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने घरेलू बाजार का मूड बिगाड़ दिया। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, व्यापार तनाव और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कम कर दिया है।

3. निफ्टी का अहम सपोर्ट लेवल टूटना
पिछले सत्रों में निफ्टी 26,000 के स्तर से नीचे फिसल चुका था और अब 25,500 के नीचे जाने से तकनीकी रूप से बाजार और कमजोर हो गया है। टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक, सपोर्ट टूटने से ऑटोमेटिक सेलिंग और स्टॉप लॉस ट्रिगर हुए।

4. मिडकैप और स्मॉलकैप में भारी बिकवाली
बीते कुछ महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेज तेजी देखने को मिली थी। अब वैल्यूएशन को लेकर चिंता के चलते इन शेयरों में मुनाफावसूली तेज हो गई है, जिससे गिरावट और गहरी हो गई।

5. बजट से पहले सतर्कता और अनिश्चितता
1 फरवरी को पेश होने वाले बजट 2026 से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। टैक्स, फिस्कल डेफिसिट और सरकारी खर्च को लेकर अनिश्चितता के चलते बड़े निवेशक फिलहाल साइडलाइन रहना पसंद कर रहे हैं।

बाजार का हाल

गिरावट के दौरान बैंकिंग, आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1-2 फीसदी तक टूट गए। बाजार की चौड़ाई कमजोर रही और बिकवाली का दबाव व्यापक स्तर पर दिखा।

आगे क्या?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं रुकती और ग्लोबल संकेतों में सुधार नहीं आता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही फोकस करने की सलाह दी जा रही है।

Related posts

Australian Man’s Bizarre India Experience Goes Viral: ‘My Head Got Stuck in an Elephant’s Butt’

Uttam

रूस-अमेरिका के बीच समुद्र में ‘जंग’ जैसे हालात! प्रतिबंधित टैंकर को बचाने के लिए रूस ने भेजी पनडुब्बी

Uttam

Agriculture Tips: सिर्फ 45 दिन में धनिया की खेती से करें हजारों की कमाई, जानिए पूरा तरीका

Uttam

Leave a Comment