हालांकि कई कंपनियों ने अपने शेयरों का बायबैक किया, फिर भी 17 कंपनियों के शेयर अपने बायबैक प्राइस से 57% तक नीचे ट्रेड कर रहे हैं। इसमें Infosys, Tanla Platforms, Bajaj Auto जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
बायबैक के बाद भी शेयरों में कमजोरी के कारण:
- कमजोर मौलिक प्रदर्शन: कुछ कंपनियों के इक्विटी फंडामेंटल्स या विकास दर उम्मीद के अनुरूप नहीं रहे।
- बाजार का समग्र दबाव: शेयरों की कीमतें अक्सर सेंसेक्स/निफ्टी की मूवमेंट और निवेशकों के जोखिम रुख से प्रभावित होती हैं।
- उच्च बायबैक प्राइस: बायबैक प्राइस बाजार की वर्तमान कीमत से काफी ऊपर हो सकता है, जिससे निवेशकों को तत्काल लाभ नहीं मिल पाता।
- सेक्टोरल चुनौतियाँ: IT, Auto और Telecom जैसे सेक्टर्स में प्रति-प्रतिस्पर्धा और नियामक दबाव भी शेयरों को दबा सकते हैं।
निष्कर्ष: बायबैक हमेशा शेयर होल्डर्स के लिए तुरंत लाभ का संकेत नहीं देता। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स और मार्केट ट्रेंड पर भी ध्यान देना जरूरी है।
