नई दिल्ली/इस्लामाबाद: भारत-पाकिस्तान संबंधों में फिर तनाव की लहर देखने को मिली है। पाकिस्तान ने चीन के ‘मध्यस्थता’ वाले प्रयासों का समर्थन किया है, जबकि भारत ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 6 से 10 मई के बीच चीनी नेता पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क में थे और उन्होंने भारतीय नेतृत्व से भी बातचीत की। मंत्रालय का दावा है कि चीन की यह पहल क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति स्थापित करने में ‘सकारात्मक’ भूमिका निभा सकती है।
हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के दावों को स्वीकार नहीं किया और कहा कि ऐसे बयान वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक और सुरक्षा तनाव को और जटिल बना सकता है।
