Income Tax Refund का इंतजार कर रहे लाखों टैक्सपेयर्स के लिए अहम खबर है। 31 दिसंबर की डेडलाइन खत्म होने के बावजूद अब भी करीब 63 लाख इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) प्रोसेस नहीं हो पाए हैं, जिसके चलते रिफंड मिलने में देरी हो रही है।
आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, चालू असेसमेंट ईयर में बड़ी संख्या में रिटर्न फाइल तो हुए, लेकिन तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से कई ITR अब भी लंबित हैं। इसका सीधा असर इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस पर पड़ा है।
रिफंड में देरी की प्रमुख वजहें
- ITR में विसंगतियां (Mismatch): AIS और Form 26AS से डेटा मेल न खाने पर प्रोसेसिंग रुक जाती है।
- डिजिटल वेरिफिकेशन पेंडिंग: कई रिटर्न ई-वेरिफाई नहीं हो पाए हैं।
- हाई वॉल्यूम प्रोसेसिंग: इस बार रिकॉर्ड संख्या में रिटर्न फाइल होने से सिस्टम पर दबाव बढ़ा है।
- डिपार्टमेंटल स्क्रूटनी और चेक्स: कुछ मामलों में अतिरिक्त जांच के कारण प्रोसेसिंग में समय लग रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक ITR पूरी तरह प्रोसेस नहीं होता, तब तक Income Tax Refund Credit नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स को अब भी रिफंड का इंतजार करना पड़ रहा है।
इनकम टैक्स विभाग की ओर से संकेत मिले हैं कि लंबित रिटर्न को चरणबद्ध तरीके से प्रोसेस किया जा रहा है और आने वाले समय में रिफंड की गति तेज हो सकती है। फिलहाल, 63 लाख से ज्यादा ITR पेंडिंग होने के कारण रिफंड प्रक्रिया सुस्त बनी हुई है।
