सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सबसे आम और खतरनाक कैंसरों में से एक है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण बहुत हल्के या बिल्कुल नहीं होते, इसलिए समय पर पहचान न होने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है। अच्छी खबर यह है कि समय रहते जांच और बचाव से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है।
🔍 सर्वाइकल कैंसर क्या है?
यह कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में होता है। इसका सबसे बड़ा कारण HPV (Human Papillomavirus) संक्रमण माना जाता है, जो आमतौर पर यौन संपर्क से फैलता है।
🚨 शुरुआती स्टेज में दिखने वाले संकेत (Early Symptoms)
शुरुआत में लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन इन पर ध्यान देना बेहद जरूरी है:
- पीरियड्स के बीच या बाद में असामान्य ब्लीडिंग
- सेक्स के बाद खून आना
- सामान्य से अलग या बदबूदार वेजाइनल डिस्चार्ज
- पेल्विक एरिया या कमर में लगातार दर्द
- लंबे समय तक ठीक न होने वाली थकान
⚠️ इन लक्षणों का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
🧪 समय पर पहचान कैसे करें? (Screening & Tests)
शुरुआती पहचान ही सबसे बड़ा बचाव है:
- Pap Smear Test: सर्विक्स की कोशिकाओं में बदलाव को पकड़ता है
- HPV टेस्ट: हाई-रिस्क HPV संक्रमण की पहचान
- रूटीन गायनेकोलॉजिस्ट चेकअप: 21 साल के बाद नियमित जांच जरूरी
👉 डॉक्टर आमतौर पर 3–5 साल के अंतराल पर जांच की सलाह देते हैं (उम्र और रिपोर्ट पर निर्भर करता है)।
🛡️ सर्वाइकल कैंसर से बचाव के उपाय
- HPV वैक्सीनेशन: 9–26 वर्ष की उम्र में सबसे ज्यादा प्रभावी
- सुरक्षित यौन संबंध (कंडोम का इस्तेमाल)
- धूम्रपान से दूरी
- नियमित स्क्रीनिंग और जांच
📌 याद रखें
- सर्वाइकल कैंसर पूरी तरह रोके जाने योग्य कैंसरों में से एक है
- शुरुआती स्टेज में पकड़ा जाए तो इलाज की सफलता दर बहुत अधिक होती है
- जागरूकता और समय पर जांच जान बचा सकती है
अगर आप चाहें, तो मैं HPV वैक्सीन से जुड़े सवाल, Pap smear कब और कितनी बार कराना चाहिए, या इलाज के विकल्प भी आसान भाषा में समझा सकता हूँ।
