भारतीय ऑयल रिफाइनर्स के लिए अच्छी खबर हो सकती है। Venezuelan crude oil की सप्लाई बढ़ने की स्थिति में Indian oil players के रिफाइनिंग मार्जिन (GRMs) में सुधार देखने को मिल सकता है।
क्यों अहम है Venezuelan crude?
- वेनेजुएला का कच्चा तेल आमतौर पर डिस्काउंट पर उपलब्ध होता है
- यह हेवी और सॉर क्रूड है, जिसे भारत की कई रिफाइनरियां प्रोसेस करने में सक्षम हैं
- सस्ता क्रूड मिलने से इनपुट कॉस्ट घटती है, जिससे मार्जिन बेहतर होते हैं
भारत और वेनेजुएला: पुराना तेल कनेक्शन
- पहले भारत वेनेजुएला से करीब 400 हजार बैरल प्रतिदिन (kbd) कच्चा तेल आयात करता था
- अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते यह सप्लाई लगभग बंद हो गई थी
- अगर अब सप्लाई दोबारा और बड़े पैमाने पर शुरू होती है, तो इसका सीधा फायदा भारतीय रिफाइनर्स को मिल सकता है
किन कंपनियों को हो सकता है ज्यादा फायदा?
- Reliance Industries (RIL) – जामनगर रिफाइनरी हेवी क्रूड प्रोसेसिंग में माहिर
- Indian Oil (IOC)
- Bharat Petroleum (BPCL)
- Hindustan Petroleum (HPCL)
विशेषज्ञों के मुताबिक, सस्ते Venezuelan crude तक बेहतर पहुंच से भारतीय रिफाइनर्स को न सिर्फ GRMs सपोर्ट मिलेगा, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन में बढ़ती अनिश्चितता के बीच कॉस्ट एडवांटेज भी मिल सकता है।
👉 कुल मिलाकर, अगर वेनेजुएला का तेल वैश्विक बाजार में ज्यादा मात्रा में आता है, तो यह Indian oil stocks के लिए मीडियम टर्म पॉजिटिव ट्रिगर साबित हो सकता है।
