बुरहानपुर के अधिकांश किसान आज भी केला, कपास और गन्ने जैसी परंपरागत फसलों पर निर्भर हैं। हालांकि, इन फसलों में लागत अधिक और मुनाफा सीमित होने के कारण किसानों को कई बार नुकसान उठाना पड़ता है।
ऐसे में सब्जियों की खेती (Vegetable Farming) किसानों के लिए एक बेहतर और लाभकारी विकल्प बनकर उभर रही है। तरबूज, भिंडी और मटर जैसी सब्जियां कम समय और कम खर्च में तैयार हो जाती हैं और सही बाजार मिलने पर लाखों रुपये की आमदनी का अवसर देती हैं।
ठंड के मौसम में सब्जियों की मांग बढ़ने से इनके दाम भी अच्छे मिलते हैं। साथ ही, सब्जी खेती में तेजी से फसल तैयार होने, कम पानी की जरूरत और लगातार तुड़ाई से नियमित आय जैसे फायदे मिलते हैं। एक एकड़ भूमि में सही तकनीक और देखभाल के साथ किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
बदलते समय में फसल विविधिकरण अपनाकर सब्जी खेती की ओर रुख करना किसानों के लिए आय बढ़ाने और जोखिम घटाने का प्रभावी तरीका साबित हो सकता है।
